तुझको भी तो आती ही होगी
तुझको भी तो आती ही होगी
कभी कभी तो याद हमारी
मुझको तो बस याद है केवल
एक वही मुस्कान तुम्हारी
स्वर भुला, संगीत भुला
भुला सरगम, ताल, बांसुरी
मुझको तो बस याद है केवल
पायल की झंकार तुम्हारी
सूने पथ पे कभी कभी तो
बिछती होगी पलक तुम्हारी
असमानों से टकराकर नभ में
उलझी होगी नजर तुम्हारी
इतना तो बतला जाते
कब तक देखूं रह तुम्हारी
इन आँहों में छिपी हुई है
प्रीत हमारी और तुम्हारी